मुरली मनोहर मन मोहन के कामे ना आ पइहन

लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी साफ कर दिहले बाड़न कि टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला के समहर जाँच खातिर जेपीसी बनावल जरुरी बा काहे कि लोक लेखा समिति के आपन सीमा बा आ ऊ अपना सीमा का बाहर ना जा सके. कांग्रेस के कहना रहे कि प्रधानमंत्री जब लोक लेखा समिति का सोझा आपन बयान देबे के तइयार बाड़न त जेपीसी के का जरुरत बा ? ओकरा डर बा कि जेपीसी बनला का बाद ओकरा पर पार्टी के नियन्त्रण ना रह पाई आ ऊ वइसनका सवाल पूछ सकेले जवना से प्रधानमंत्री, केन्द्र सरकार, आ कांग्रेस पार्टी के फजीहत हो सकेला. इहे सब सोच के कांग्रेस पीएसी का छत्र छाया के सहारा लिहल चाहत रहुवे. विडम्बना ई बा कि पीएसी के अध्यक्ष विपक्ष के जोशी हउवें जबकि जेपीसी के अध्यक्ष कवनो कांग्रेसी होखी.
ओने सुब्रह्मण्यम स्वामी कहले बाड़े कि अगर केन्द्र सरकार एह मामिला में जल्दी कुछ ठोस काम नइखे करत त ऊ सोनिया गाँधी आ मनमोहन सिंह पर अदालत में सवाल उठा सकेलें.