सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायाधीश ए॰ के॰ गांगुली शनिचर का दिने मुंबई में वकीलन के एगो संस्था के संबोधित करत कहलें कि देशमुख जइसन नेता अबही ले मंत्री बा आ कैबिनेट मंत्री, ई शर्म के बाति बा. जबकि ओह आदमी के कवनो जिम्मेदार पद पर ना राखे के चाहीं. जवना आदमी पर किसान पर अत्याचार करावे वाला सूदखोर के बचावे के आरोप बा उहे अब ग्रामीण विकास के काम देख रहल बा. एहले लाज के बाति अउर का हो सकेला. बाकिर शायद माननीय न्यायाधीशो मनीहें कि आजु के केन्द्र सरकार आ एह प्रधानमंत्री से दोसर कवनो उमीदे कइल बेकार बा. बरिसन ए॰राजा का संगे कैबिनेट मीटिंग करे वाला प्रधानमंत्री के आजु भ्रष्टाचार का चलते लाज लागत बा. बाकिर तब ई लाज कहाँ रहे जब सगरी ओर राजा के भ्रष्टाचार के चरचा होत रहे आ इहे प्रधानमंत्री ओकर बचाव करत रहले.

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