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नालायक विद्यार्थी अपना के सत्तर फीसदी नंबर दिहलसि


जेकरा पर पूरा स्कूल के नाज रहे आ सभे मानत रहे कि लड़िका पढ़े में बहुते बढ़िया बा ऊ महाफिसड्डी निकलल. बिना महतारी से पूछले कुछ ना कर सके, कुछ ना बता सके. तबहियो आजु जब स्कूल के मास्टर लोग ओकरा से सवाल जवाब कइल त ऊ अपना के बहुते तेज बतवलसि आ कहलसि कि ओकरा कम से कम सत्तर फीसदी नंबर त मिलही के चाही. पूछला पर कि ओकरा कापी में बहुते अंट संट लिखल मिलल त कहलसि कि हास्टल में रहला के मजबूरी बा. बदमाश लड़िका ओकरा कापी में कब का लिख देले सँ ओकरा पतो ना चले. मास्टर लोग पूछल बाकिर एक पन्ना पर त ओकरे लिखावट में कुछ गलत बाति लिखल मिलल बा त कहलसि कि ऊ त असहीं लिखा गइल रहे. सोचले रहीं कि पन्ना फाड़ देब बाकिर फाड़े से पहिलहीं लोग पढ़ लिहल. ओकरा से सवाल जवाब का बाद मास्टर लोग के इहे राय रहल कि कुछऊ होखे ई लड़िका अपना के दोषी ना मान सके चाहे कतनो सुबूत ओकरा खिलाफ होखे. जानत बा कि लोग ओकरा मासूम चेहरा पर ओकरा के माफ कर दी. कहलसि कि जतना खराब ओकरा के मानल जा रहल बा ऊ ओतना खराब ना हऽ. बाकिर पूछ ताछ के दौरान ओकरा से मिलल जानकारी का बाद हास्टल के ओकर संगी साथी ओकर जियल मुहाल कर सकेले. बाकिर एगो सबले बदमाश लड़िका कहले बा कि ऊ कुछऊ कहले होखे ओकर दोष नइखे. ओकरा से बाकी लड़िकन के अतना आनन्द मिलेला कि ओकर सात खून माफ कइल जा सकेला.

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