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टटका खबर

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खबर एक नजर में (16 जून 2011)


सबसे लमहर चन्द्रहण देखल गइल

बुध का रात एह सदी के सबले लमहर चन्द्रग्रहण देखल गइल जवन कि डेढ़ घंटा से बेसी ले चन्द्रमा के ओझल बना के रखलसि. कई जगहा बदरी लगला का चलते लोग एह भौगोलिक घटना के बढ़िया से ना देख सकल. चन्द्रग्रहण के वैज्ञानिक व्याख्या का बावजूद लोग आपन धार्मिक आस्था के तरजीह दिहल आ ग्रहण का समय मंदिरन के कपाट बन्द रहल. वइसहूं रात में मंदिर के कपाट बन्दे रहेला. आजु सबेरे लाखो लोग नहान ध्यान कर के ग्रहण से मोक्ष मनावल.


स्वामी निगमानन्द का मौत का बाद सियासी सनसनाहट

गंगा बचाओ आन्दोलन का तहत आमरण अनशन पर बइठल स्वामी निगमानन्द कोमा में चल गइल रहले आ बाद में उनुकर मौत हो गइल. मौत का बाद से सियासी सनसनाहट तेज हो गइल बा. दुर्भाग्य देखीं कि एकही अस्पताल में भरती रहले बाबा रामदेव आ स्वामी निगमानन्द. रामदेव के देखे मनावे वाला लोग के कतार लागल रहे बाकिर निगमानन्द के सुधि लेबे वाला केहू ना रहे काहे कि ऊ ओह सीमा का पार चल गइल रहलन जहवाँ से उनुका के लवटावल जा सकत रहे. उनुकर मौत पक्का हो चुकल रहे बस समय के इन्तजार रहे. अब साधु सन्यासियन से जुड़ल हर बाति पर नाक भौं सिकोड़ेवाला कांग्रेस आ साधू सन्यासियन के आगा नतमस्तक होत रहे वाला भाजपा में बहस छिड़ल बा. कांग्रेस भाजपा के राज्य सरकार पर तोहमत लगावत बिया. आरोप लगावल जा रहल बा कि स्वामी निगमानन्द के मौत जहर दिहला से भइल रहे. दबाव में आइल राज्य सरकार अब मामिला के सीबीआई जाँच करवावे पर तइयार हो गइल बिया. ओने स्वामी निगमानन्द के बाप आ चहुँपल बाड़न अपना बेटा के लाश लेबे खातिर. ऊ बेटा जवन उनका आचरण से तंग आ के सन्यास धर लिहले रहे.


लखीमपुर हत्याकाण्ड में सीबीआई जाँच खातिर तईयार राज्य सरकार

मुख्यमंत्री मायावती साफ कर दिहले बाड़ी कि अगर मृत लड़िकी के परिजन चाहत बाड़े त उनुका कवनो एतराज नइखे सीबीआई जाँच करवला से. बस अनेसा इहे बा कि एहू मामिला के हाल उहे मत हो जाव जवन आरुषि हत्याकाण्ड के भइल रहल. मृत लड़िकी के दुबारा भइल पोस्टमार्टम में बलात्कार होखे के सुबूत नइखे मिलल बाकिर मौत के कारण गला दबावल बतावल गइल बा.अबही कवनो पुलिसकर्मी के गिरफ्तारी नइखे भइल. पहिला पोस्टमार्टम करे वाला तीन डाक्टरन के निलम्बित कर दिहल गइल बा आ ओह लोग से पूछताछ हो रहल बा.


खोजी पत्रकार ज्योति डे के हत्या का मामिला में कवनो सुराग नइखे मिलत

काल्हु महाराष्ट्र पुलिस दावा कइले रहल कि तीन गो संदिग्धन के गिरफ्तार कर लिहल गइल बा आ हत्या कर के भागे खातिर इस्तेमाल गाड़ियो के जब्त कर लिहल गइल बा. हालांकि हत्या मे इस्तेमाल भइल रिवाल्वर अबही नइखे मिलल. बाकिर आजु खबर बा कि ओहमें से दू गो के छोड़ दिहल गइल बा. एह हत्या काण्ड के चंदन तस्करी से जुड़ल मामिला बतावल जात बा. कहल जात बा कि खबर ना छपवावे खातिर जे डे के दस लाख रुपिया के प्रलोभनो दिहल गइल रहे.


मध्यप्रदेश जइसन मान्यता बिहारो के दिहल जाव

बिहार के मानव संसाधन मंत्री पी के शाही केन्द्र सरकार से माँग कइले बाड़न कि बिहार में प्रशिक्षित शिक्षकन के ओही तरह से मान्यता दिहल जाव जइसे मध्य प्रदेश में दिहल गइल बा. इंदिरा गाँधी खुला विश्वविद्यालय के दू साल के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के मध्य प्रदेश में मान्यता दिहल गइल बा जबकि बिहार में ओही प्रशिक्षण के मान्यता नइखे दिहल जात.


बड़हलगंज के डा॰अयूब घवाहिल

मंगल के देर रात पीस पार्टी के अध्यक्ष आ गोरखपुर बड़हलगंज के मशहूर डा॰ अयूब के कारके एगो स्कार्पियो फैजाबाद में नाका बाईपास पुल पर धक्का मार के गिरावे के कोशिश कइलस. सफल ना भइल त दुबारा धक्का मरलसि. पार्टी के कहना बा कि ई डा॰ अयूब के हत्या करे के नाकाम कोशिश रहल. बाद में घवाहिल डा॰ अयुब के एगो निजी अस्पताल में गोड़ पर प्लास्टर चढ़वला का बाद छूट्टी दे दिहल गइल आ ऊ गोरखपुर बड़हलगंज चल अइलन.


लोकपाल बिल पर समझौता ना हो सकल

लोकपाल बिल के मसौदा बनावे वाला समिति में सरकारी मंत्रियन आ सिविल सोसाइटी के सदस्यन का बीच कवनो आम राय ना बन सकल. अब संभावना इहे बाकि दुनु पक्ष के मसविदा कैबिनेट का लगे भेजल जाई जहाँ उहे होई जवन समिति में शामिल मंत्री चाहत बाड़े. लोकपाल बनी बाकिर नखदंत विहीन. जेकरा से एह भठियारा सरकार के कवनो खतरा ना महसूस हो पावे आ देश के संपत्ति के लूट के चुपचाप देखत प्रधानमंत्री पर कवनो सवाल ना उठावल जा सके. सरकार प्रधानमंत्री, न्यायापालिका, सांसदन, उच्च अधिकारियन के एह लोकपाल का दायरा से बाहर राखल चाहत बिया. पता ना तब लोकपाल बनवले के का जरुरत बा?

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