खबर एक नजर में (28 जून 2011)

चोट दे के मरहम लगावे के नौटंकी

केन्द्र सरकार पहिले त डीजल, किरासन, आ रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी कर दिहलसि आ अब अपनही राजनीति के नौटंकी में लागल बिया. राज्य सरकारन से कहल जा रहल बा कि ऊ लोग पेट्रोलियम उत्पाद पर लगावल कर में कटौती करे. जबकि एहपर सबले बेसी कर भार खुद केन्द्र के लादल बा. राज्य सरकार अगर एह बढ़ल दाम पर आपन टैक्स नाहियो ल सँ त दाम में एकाध चवन्नी से बेसी के फरक नइखे पड़े वाला. दोसरे राज्य सरकार का हाथ में राजस्व के स्रोत बहुते कम होखेला एहसे लँगटा पहिरी का आ बिछाई का. युएक हाथ से दे के दोसरा हाथ से लूट लेबे वाला परंपरा हर सरकार चलावत आइल बिया. सरकारन के खरचा अतना नाजायज आ बेहिसाब हो चुकल बा कि ओकरा खातिर ऊ लोग बेहिसाब कर लगावे में ना हिचके. हरहाल में पिसाये के आम जनता के बा. डीजल किरासन रसोई गैस के दाम बढ़ला के चतुर्दिक असर होखे वाला बा आ पहिलहीं से बेकाबू महँगाई अब अउरी बढ़े वाली बा एहमें केहू के सन्देह ना होखे के चाहीं.


युवराज के सही बतावे खातिर कांग्रेस सभका के झूठा कह दी

मानवाधिकार आयोग के रिपोर्ट का बादो कांग्रेस अपना युवराज के कहल बाति सही साबित करावे खातिर थेथरई में लागल बिया आ भट्टा पारसौल काण्ड के न्यायायिक जाँच करावे के माँग पर अड़ल बिया.


पत्रकार जे डे के हत्या में छोटा राजन गिरोह

महाराष्ट्र पुलिस अब एह नतीजा पर चहुँपल बिया कि पत्रकार ज्योतिर्मय डे के हत्या करावे का पाछा छोटा राजन गिरोह के हाथ रहे. पुलिस एह मामिला में सात जने के गिरफ्तार कइले बिया. हालांकि पुलिस ई नइखे बतावत कि हत्या के कारण का रहे. सातो गिरफ्तार लोग के अदालत पुलिस हिरासत में दे दिहले बिया.


सीवान के निरुपमा एवरेस्ट पर झंडा फहरा दिहली

बिहार के सीवान जिला के जामो जलालपुर गाँव के निरुपमा पाण्डेय, जे एयर फोर्स स्टेशन रजौरी में स्क्वाड्रन लीडर का पद पर तैनात बाड़ी, दुनिया के सबले ऊँच चोटी माउण्ट एवरेस्ट पर तिरागा फहरावे वाली पहिलका बिहारी बन गइल बाड़ी. आ एकरा साथ ही बिहारो अब देश के ओह चौदह राज्यन में शामिल हो गइल बा जेकर नागरिक एवरेस्ट पर झंडा फहरवले बाड़े.


भट्ठावालन पर मुकदमा आ ईंट जब्ती के फैसला

बिहार के खान आ भूतत्व विभाग फैसला लिहले बा कि जवन ईंट भट्ठा मालिक बिना रायल्टी आ टैक्स दिहले भट्ठा चला रहल बा ओह लोग पर मुकदमा चलावल जाई आ ओह भट्ठा के ईंटा जब्त कर लिहल जाई. बतावल जा रहल बा कि पिछला साल कम से कम पाँच सौ अइसन ईंट भट्ठा वाला बाड़न जे टैक्स आ रायल्टी ना दिहले. परियार साल ई गिनिती एक हजार से बेसी रहे.


कानून व्यवस्था खातिर यूपी के तीन जोन में बाँटल गइल

मायावती का अध्यक्षता में भइल एगो हाई लेवल रिव्यू कमिटी में फैसला लिहल गइल कि यूपी में तीन जोन बना के हर जोन के वरिष्ठ पुलिस आ प्रशासनिक अधिकारियन के चार्ज दे दिहल जाव. एह जोन के पूर्वी पश्चिमी आ मध्य जोन के नाम दिहल गइल बा. मध्य जोन में लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद, झाँसी, इलाहाबाद, आ चित्रकूट मण्डलन के शामिल कइल गइल बा. पुर्वी जोन में बस्ती, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मिर्जापुर, आ देवीपाटन मण्डलन के शामिल कइल गइल बा. बाकी मण्डल पश्चिमी जोन में रहीहे सँ.


सुप्रीम कोर्ट यूपी सरकार के रवैया पर आलोचना कइलसि

बिल्डरन के लाभ चहुँपावे खातिर किसानन के जमीन कम दाम पर ले के बिल्डरन के दे देबे के रवैया के सु्प्रीम कोर्ट काल्हु आलोचना कइलसि. इलाहाबाद हाई कोर्ट निजी बिल्डरन के देबे खातिर जमीन के सरकारी अधिग्रहण के आदेश के रद्द कर दिहले रहे आ ओह फैसला का खिलाफ याचिका ले के राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चहुँपल रहे. एह मामिला के अगिला सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अब पाँच जुलाई के होखी.