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खबर एक नजर में (16 जुलाई 2011)


आतंकियन का सेवा में आगा अइलन डिग्गी राजा

कांग्रेस के बड़का नेता डिग्गी राजा हमेशा से आतंकियन के समर्थक रहल बाड़न आ जबे कबो मौका मिलेला त कवनो ना कवनो आतंकी का घरे हाल चाल पूछे जरुर चल जालन. अतने ना, हमेशा मौका कुमौका हिन्दूवादियन के दोषी ठहरावहू में पाछा ना रहसु. मुंबई हमला का बाद पहिले त कहलन कि गनीमत बा कि हमनी का पाकिस्तान में नइखी जा. ओहिजा त करीब करीब रोजे आतंकी हमला होत रहेला. अब आजु उनुका बावल मुँह में एगो दुष्ट पत्रकार जानबूझ के एगो बयान राख दिहलसि आ डिग्गी बिना सोचे समुझे ओकरा के बक दिहलन कि एह आतंकी हमला का पाछा आरएसएस के हाथ होखे के संभावना तलाशे के चाहीं. गनीमत इहे बा कि ऊ ई ना कहसु कि पाकिस्तान में होखे वाला सगरी आतंकी हमला संघे करवा रहल बा ! काश, अइसनका हो पाईत ! अइसनके बयानबाजी हिन्दूवन में उग्रवादी तत्व खड़ा करे के काम करेला. आ जब खड़ा हो जाई त अइसनके डिग्गी कहे लगीहें कि देखीं हम त पहिलही से कहत रही.


मुंबई हमला के अबही ले कवनो सुराग नइखे मिलल

हाल फिलहाल के सगरी आतंकी हमलन का तरह अबकियो के आतंकी हमला के कवनो सुराग नइखे भेटात. भेंटाई कइसे जब सत्ताधारी दल तय कर लिहले होखे कि एह हमलन में गलतिओ से इण्दियन मुजाहिदीन, सिमी, लश्कर, पाकिस्तान वगैरह के नाम ना आवे के चाहीं. आ हिन्दू संगठन के नाम आ नइखे पावत. से मजबूरी में केहू के दोषी नइखे ठहरावल जात. जेकरा के दोषी ठहराइओ दिहल गइल बा आ फाँसी के सजाय तक सुना दिहल गइल बा ओकनियो के ई कांग्रेसी सरकार अपना दामाद का तरह रखले बिया. एह हिन्दू बहुल देश में गैर हिन्दू सरकार चलावत बाड़े इहे बतावत बा कि हिन्दू कतना बरदाश्त कर सकेले. आ सुभावे से कतना सेकूलर होले.


डा॰ सचान के हत्या के मुकदमा दर्ज भइल

अदालती आदेश का बाद डा॰ सचान के हत्या के मुकदमा सीबीआई दर्ज कर लिहलसि. लखनऊ के गोसाईंगंज थाना में डा॰ सचान के पत्नी के एफ॰आई॰आर॰ के जस का तस लिख लिहल गइल बा. थाना से केस से जुड़ल सगरी कागजातो मँगा लिहल गइल बा. अब एह जाँच में देहरादून आ दिल्ली के विशेषज्ञन के शामिल कइल गइल बा.


यूपी के कैबिनेट सचिव के नियु्क्ति पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट में दायर एगो याचिका के सुनवाई करत अदालत मौखिक टिप्पणी कइले बिया कि बिनाकवनो तरह के प्रशासनिक सेवा में रहले शशांक शेखर के कैबिनेट सचिव कइसे बना दिहल गइल. मामिला के अगिला सुनवाई बाईस जुलई के होखे वाला बा. एह मामिला में विपक्षी दल मुख्यमंत्री के त्यागपत्र माँगत बाड़े आ राज्यपाल से कहल जात बा कि मुख्यमंत्री के हटा दिहल जाव.


राज्यपाल का फैसला पर सत्ता पक्ष के बवाल

बिहार के राज्यपाल बिहार प्रशासनिक न्यायाधिकरण विधेयक, बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक आउर कर्मचारी विवाद निवारण विधेयक, आ बिहार राज्य विश्वविद्यलाय आयोग विधेयक के अनुमति नइखन दिहले. जब एह बाति के जानकारी विधानसभा में दिहल गइल त सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करे लगले आ एह मामिला पर विधानसभा में चर्चा करे के माँग उठवले. ओने विरोधी दल फारबिसगंज गोलीकाण्ड के दोषियन के सजा के माँग कइले. एही बीच नयका चुनाइल विधायिका किरण केसरी के शपथ दिआवल गइल आ जगमातो देवी आ चतुरानन मिश्र समेत लई पूर्व सदस्यन के मौत पर एक मिनट के मौन राखल गइल.


अगस्त से शुरु होखि नियोजन मेला

बिहार के बेरोजगारन के नियोजन मुहैया करावे खातिर आठ अगस्त से सोलह दिसम्बर का बीच राज्य के उनतिस जिलन में नियोजन मेला लगावल जाई. अबही ले राज्य के नौ गो जिला में नियोजन मेला लगावल जा चुकल बा जवना में करीब सात हजार लोग के नौकरी दिहल गइल. अब बाकी लागे वाला मेलन में करीब पचाह हजार बेरोजगारन खातिर नौकरी देबे के लक्ष्य राखल गइल बा.


बिहार लोक सेवा आयोग के प्री परिणाम

बिहार लोक सेवा आयोग अपन तिरपनवा, चउवनवा, आ पचपनवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम निकाल दिहले बा. एह परीक्षा में पन्द्रह हजार एक सौ सैंतीस प्रतिभागियन के सफल घोषित कइल गइल बा. मुख्य परीक्षा के तिथि के घोषणा जल्दिये कर दिहल जाई.


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