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जाति का नाँव पर ऊंच नीच के भावना आ छुआछूत समाज के कोढ ह

गोरखपुर में काल्हु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के सात दिना पुण्यतिथि समारोह में बोलत महन्त नारायण गिरी कहनी कि दुनिया के सबले श्रेष्ठ संस्कृति हिन्दू संस्कृति आ सामाजिक व्यवस्था में जाति के आधार पर ऊंचनीच के भावना आ छुआछूत एगो कोढ जइसन बावे. कहलन कि ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ एह बारे में बड़हन जनजागरण अभियान चलवले रहीं बाकिर राजनेता अपना वोट बैंक का चलते एक तरफ तुष्टीकरण के नीति अपनवले त दोसरा तरफ हिन्दू समाज में जातीय वैमनस्यता के खाई अउरी फाँफर करत चल गइले.

दिगम्बर अखाडा के महन्त सुरेशदास कहनी कि छुआछूत मिटावे आ देश बचावे के मंत्र फूंके के होखी. छुआछूत का चलते हिन्दू समाज आ राष्ट्र कमजोर होखत बा. हमनी के देश भारत में सामाजिक विषमता के विषबेल का खिलाफ भगवान बुद्ध से बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ले आ अब के पूज्य गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज तक के महात्मा आ संतन के बड़हन परंपरा बा.

अयोध्या से आइल सांसद रह चुकल आ महन्त डा. रामविलास वेदान्ती कहनी कि राष्ट्रीय एकता आ अखंडता खातिर सगरी हिन्दू समाज के एक करे ला गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ लागल बानी. एह से समाज के रूढिगत व्यवस्था भसावल जाई आ पूरा देश में एकही जाति होखी हिन्दू जाति.

गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी आ कार्यक्रम के संयोजक योगी आदित्यनाथ के कहना रहे कि हर देश के एगो राष्ट्रीय समाज होला जवन भारत में हिन्दू समाज बा. जब राष्ट्रीय समाज कमजोर होला त देशो कमजोर होला. योगी आदित्यनाथ के कहना रहे कि भारत के गुलामी आ पतन ला बाहरी आ विदेशी ताकत जतना जिम्मेदार बाड़ी स ओहसे तनिको कम जिम्मेदार हिन्दू समाज के रूढिगत व्यवस्था नइखे. देश आ हिंदू समाज से छुआछूत मेटावल बहुते जरूरी बा.
(वार्ता)

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