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84 बरीस के हो गइली लता मंगेश्कर


पिछला साठ साल से लता मंगेश्कर अपना मधुर आवाज से सुनेवालन के रिझा के रखले बाड़ी बाकिर अबहियो उनुका बारे में बहुते बात नयकी पीढ़ी ना जाने.
28 सिंतबर 1929 के मध्यप्रदेश का इंदौर शहर के एगो मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में जनमल लता मंगेश्कर साल 1942 में किटी हसाल खातिर आपन पहिला गाना गवले रही बाकिर उनुका पिता दीनानाथ मंगेश्कर ना चाहत रहले कि लता फिलिमन में गावसु से ऊह फिलिम से लता के गावल गाना हटवा दिहले रहले. हालांकि एही साल लता के पहली मंगलगौर में अभिनय करे के मौका मिलल.
लता मंगेश्कर के असली नाम हेमा हरिदकर ह. बचपन में उनुका रेडियो सुने के शौक रहल से 18 साल का उमिर में आपन पहिला रेडियो खरीदली आ जइसहीं ओकरा के चालू कइली त के.एल.सहगल के मरे के खबर सुने के मिलल, एकरा बाद ओह रेडियो के लता लवटा दिहली.
लता मंगेश्कर आपन पहिला कार 8000 रूपिया में खरीदले रही. मसालेदार खाना के शौकीन लता मंगेश्कर दिन भर में नाहियो त एक दर्जन मरीचा खा जाली. उनकर मानना ह कि मिरचा खइला से गला के मिठास बढ़ जाला. क्रिकेटो के शौकीन रहल लता मंगेश्कर ला लार्डस का मैदान मे एक सीट हमेशा रिजर्व रहेला.
कैरियर के शुरूआत का दिन मे लता मंगेश्कर के अपना साथी गायकन का साथे एकही माइक्रोफोन से गावे पड़त रहे. एहसे जब ऊ हेमंत कुमार संगे गावसु त उनका स्टूल के सहारा लेबे के पड़े काहे कि हेमंत कुमार उनका से बहुते लमहर रहले.
साल 1962 मे एक बेर लता मंगेश्कर बहुते बीमार पड़ गइल रही त कहाए लागल रहे कि ऊ अब कबो ना गा सकीहें. कहल जाला कि उनकर बावर्ची उनका खाना में धीमा जहर मिला देत रहे. बाद में ओह बावर्ची के बिना पगार दिहले नौकरी से हटा दिहली.
अपना नीक सुभाव ला जानल जाए वाली लता मंगेश्कर के किशोर कुमार आ मोहम्मद रफी जइसन पार्श्वगायकन से अनबन हो गइल रहे.
एक समय अइसनो आइल जब लता मोहम्मदी रफी से बतियावल तक बंद कर दिहले रही. हालांकि बाद में नरगिस का प्रयास से दुनु जने एगो कार्यक्रम में फेर एक साथे गवले रहे.
बहुत कमे लोग जानत होखी कि लता मंगेश्कर महज एक दिन ला स्कूल गइल रही. काहे कि पहिला दिने ऊ अपना छोट बहिन आशा के ले गइल रही त अध्यापक कहले कि एकरो फीस देबे के पड़ी. ओकरा बाद लता फेर कबो स्कूल ना गइली. अलग बात बा कि उनका के न्यूयार्क यूनिवर्सिटी समेत छह गो विश्वविद्यालय मानक उपाधि से नवजलसि.
लता मंगेश्कर के मन रहे कि कबो के एल सहगल से भेंट होखे आ दोसर मनसा रहल कि अभिनेता दिलीप कुमार खातिर गावसु. बाकिर उनकर ई दुनु मनसा कबो ना पूराइल.
लता बइसे त अनेके अभिनेत्रियन ला गवली बाकिर मधुबाला जबे कवनो फिलिम साइन करस त शर्त राख देत रही कि उनकर गाना लते मंगेश्कर गइहें.
लता मंगेश्कर के अपना कैरियर मे बहुते मान सम्मान मिलल. इंडस्ट्री के पहिला महिला लता मंगेश्कर हई जिनका भारत रत्न आ दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलल बा. उनुका अलावे बस सत्यजीत रे के ई गौरव मिलल बा. साल 1974 मे लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल गावे वाली पहिला भारतीय गायिका रहली लता मंगेश्कर.
लता मंगेश्कर के फिलिम देखे के शौक कबो ना रहल. उनका पसंदीदा फिलिमन में द किंग एंड आई, त्रिशूल, शोले, सीता और गीता, दिलवाले दुल्हनियां ले जायेंगे, आ मधुमती पसंद ह. साल 1943 मे रिलीज फिलिम “किस्मत” उनुका एतना नीक लागल कि एकरा के करीब पचास बेर देखली.
लता मंगेश्कर मेकअप पसंद ना करसु. डायमंड रिंग पहिने के बहुते शौक ह. पहिला डायमंड रिंग साल 1947 मे 700 रूपिया में खरीदले रही.
लता मंगेश्कर एगो फिलिम के निर्मात्री हई. ई फिलिम रहे हिंदी फिलिम “लेकिन”. साल 1991 मे प्रदर्शित एह फिलिम में उनकर गावल “यारा सीली सीली” गीत बहुते लोकप्रिय भइल आ एह गीत ला गीतकार गुलजार के सर्वश्रेष्ठ गीतकार के पुरस्कार मिलल रहे.
लता मंगेश्कर ने देश..विदेश मे पिछला साठ साल में बीस से अधिका भाषा मे पचासो हजार से अधिका गीत गा के .गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड.मे आपन नाम दर्ज करा चुकल बाड़ी.
(वार्ता)

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