नयी दिल्ली 25 अक्टूबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय कहले बावे कि नफरत फइलावे वाला भाषण के पहिलही से अंदाज लगा के रोके ला कवनो आदेश ना जारी क सके.

न्यायमूर्ति बी एस चौहान आ न्यायमूर्ति एस ए बोबदे के खंडपीठ अपना वैधानिक मजबूरी के हवाला देत कहलसि कि ऊ पहिलही ना तय कर सके कि कवनो आदमी कवना तरह के भाषण देबे वाला बा.

गोहार लगावे वाला के कहना रहल कि अनेक शिकायतन के बावजूद एह तरह के भाषण पहिले दे चुकल राजनीतिज्ञन के भाषण पर रोक लगावल जाव.

By admin

%d bloggers like this: