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गोरखपुर विवि के दीक्षांत समारोह में 47 विद्यार्थियन के मिलल स्वर्ण पदक

गोरखपुर 06 जनवरी (वार्ता) दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 32वां दीक्षांत समारोह में आजु 47 गो छात्र छात्रा के बढ़िया रिजल्ट ला स्वर्ण पदक दीहल गइल.

एह समारोह के मुख्य अतिथि आ साहित्य अकादमी नयी दिल्ली के अध्यक्ष आचार्य विश्वनाथ प्रसाद तिवारी कहले कि आधुनिकता भूमण्डलीकरण अउर बाजारवाद के शोर में अपना मानवीय मूल्यन के बनवले राखल हमनी ला बड़हन चुनौती बा. कहलन कि उपर झाँपर देखला प लागेला कि भूमण्डलीकरण शब्द में समता अउर एकात्मता के भाव बा बाकिर गौर से देखीं त इ असल में प्रकृति के वैविध्यपूर्ण मूल चरित्र के उल्टा बा. दुनिया के तमाम भाषा, संस्कृतियां आ जैवविविधता एही नजरिया का चलते बिलात जात बा.

एह मौका प आचार्य तिवारी क कहना रहे कि पिछला शताब्दी में अधिकतर भारतीय बुद्धिजीवी पश्चिमी विचारकन के दोहरावत रहले. जबकि पश्चिम का लगे अब देबे लायक कुछ रह नइखे गइल. कहलन कि भारतीय विश्वविद्यालयन के चाहीं कि एह अनुकरण के आदत तज के अपना ला नया सैद्धान्तिक अउर व्यावहारिक रास्ता निकालसु.

एह मौका प कुलाधिपति आ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी के भेजल भाषण पढ़ के सुनावल गइल काहे कि उ आ ना पवले.

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.सी. त्रिवेदी कहलन कि विश्वविद्यालय पहिला बेर प्रदेश स्तर पर विज्ञान कांग्रेस आ भारतीय विश्वविद्यालय संघ के कुलपतिय के सम्मेलन करा के इतिहास रच दिहलसि. कहलन कि दीक्षांत समारोह के नियमित आयोजन करे के मकसद खास क के छात्रन के आगे बढ़े ला उकसावल होला.

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