संत सभा के राय कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री का रूप में पेश कइल जाव

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में चलत राष्ट्रीय संत सभा के बइठक में कहल गइल कि भाजपा गोरक्षपीठाधीश्वर आ गोरखपुर सदर से सांसद महंत योगी आदित्यनाथ के यूपी के अगिला मुख्यमंत्री बना के पेश करो.
संत सभा के कहना बा कि सुप्रीम कोर्ट से मंदिर निर्माण के पक्षो में फैसला आ जाव तबो सपा-बसपा वालन के राज में मंदिर निर्माण ना हो पाई. एह काम ला योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनावल जरूरी होखी.
एह बइठक में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, धर्मांतरण रोके ला कानून बनावे, समान नागरिक संहिता लागू करे, गोहत्या पर पूरा रोक लगावे आ मां गंगा के पुनप्र्रतिष्ठा जइसन सरोकारन पर राय विचार कइल गइल.
संत सभा मनलसि कि ओकर काम ई ना ह कि ऊ तय करो कि केकरा के मुख्यमंत्री बनावल जाय बाकिर संत सभा ओकरा साथे हमेशा खड़ा रही जे मंदिर निर्माण ला आपन सबकुछ दांव पर लगा देव. संतसभा राजनीतिक मंच ना ह बाकिर ई सत्ता के निरंकुश होखे ना दे सके. ‘समान नागरिक संहिता’ भारत के एकता-अखंडता के सबले बड़का शर्त ह. भारत धर्मशाला ना ह, बलुक सनातन राष्ट्र ह. संतन का एक हाथ में लोटा त दुसरका में सोटा होखो, एक हाथ में खप्पर त दुसरका में दंड रहो. समाज के संगठित कइल आ धर्मांतरण रोक के आपन बिछुड़ल बंधु-बांधवन के घर वापसी करावलो जरूरी बा.