Go to ...

टटका खबर

Online Bhojpuri Newspaper

RSS Feed

बिहार के राज्यपाल कोविन्द बनीहें अब देश के राष्ट्रपति



राष्ट्रपति चुनाव सामने देखत मीडिया परेशान रहुवे आपन आपन अटकर लगावे में आ एह फेर में एक से एक प्रतिष्ठित नाम उछालत ओह लोग के किरकिरी करावत चल गइल. ब्रेकिंग न्यूज चलावे वालन के मोदी सरकार बनला का बाद से कवनो तरह के भितरिया खबर मिलल बन्द हो गइल बा. एह लोग ला ई बड़हन परेशानी के कारण बन गइल बा. आखिर में जबो नाम के एलान भइल बा त हर बेरिया मीडिया के औकात पता चलत गइल बा जनता के. अगर कवनो रुल आप थम्ब बनावे के बा त बना लीं कि जिनकर नाम मीडिया उछाल दिहलसि ऊ रेस में हइए नइखन. कबो लालकृष्ण आडवाणी, कबो ई श्रीधरन, त कबो सुषमा स्वराज, कबो मोहन भागवत, त कबो दीपा मुर्मू पता ना कतना न्म उछललसि मीडिया आ आखिर में जवन नाम तय हो के सामने आइल ऊ रहल बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविन्द के.

सन् 1945 में कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के गांव परौंख में एगो आम किसान परिवार आ कोली जाति में जनमल रामनाथ कोविन्द के पढ़ाई लिखाई सब कानपुर से भइल. इन्टर, बीकॉम, एलएलबी कइला का बाद दिल्ली जा के देश के सबले बड़का शौक – आईएएस बने के – का फेर में तिसरका कोशिश में आईएएस खातिर चुनाइओ गइलन रामनाथ कोविन्द. बाकिर मिलल एलाएड सर्विस के आफर त ओकरा के नकार दिहलन.

इमरजेन्सी का दौरान जून 1975 में रामनाथ कोविन्द सुप्रीम कोर्ट में वकालत करे लगलन. साल 1977 में जब जनता सरकार बनल त उनुका के तब के प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई आपन निजी सचिव बना लिहलन, एही दौरान जनसंघ का संपर्क में अइलन कोविंद. संघी विचारधारा से प्रभावित रामनाथ कोविन्द के भाजपा 1990 में घाटमपुर लोकसभा सीट से टिकट दिहलसि बाकिर ऊ चुनाव हार गइलन. बाद में भाजपा उनुका के साल 1993 अउर 1999 में दू हाली राज्यसभा सांसद बनवलसि भाजपा. भाजपा के दलित चेहरा बन गइल रामनाथ कोविंद भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अउर प्रवक्तो रहलन.

बाद में उनुका के यूपी का राजनीति में पइठावे का मकसद से साल 2007 में भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़ावल गइल, बाकिर इहो चुनाव ऊ हार गइसलन. केन्द्र में मोदी सरकार बनला का बाद बिहार विधानसभा का चुनाव से एन पहिले उनुका के अगस्त 2015 में बिहार के राज्यपाल बना दीहल गइल. तब लालू आ नीतीश दूनू जने इनकर विरोध कइले रहलन काहे कि संघी रामनाथ कोविन्द के राज्यपाल बनला से ओह लोग के अनेसा रहुवे कि ऊ भाजपा के मोहरा बन के काम करीहन. हालांकि बतौर राज्यपाल रामनाथ कोविन्द के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथो बढ़िया तालमेल रहल. आ एही चलते जइसहीं रामनाथ कोविन्द के नाम के एलान भइल नीतीश कुमार चहुँप गइलन बधाई देबे.

भाजपा के एनडीए गठबन्हन का लगे मजगर वोट रहला का बावजूद विपक्ष लगातार आपन उमीदवार देबे के जोड़तोड़ में लागल रहुवे. अब अचके में हालात बदल गइल लउकत बा. कांग्रेसी खुरचाल से वाकिफ मुलायम त कुछ दिन पहिलहीं कह दिहले रहलन कि ऊ एनडीए उमीदवार के समर्थन करीहें. अब नीतीशो कुमार के समर्थन के उमीद बन गइल बा. हालांकि एकर अबहीं ले औपचारिक एलान नइखे भइल. दलित राजनीति प आपन एकाधिकार माने वाली मायावतिओ कोविन्द के समर्थन में आ गइल बाड़ी. बाकिर कहत बाड़ी कि अगर विपक्ष का तरफ से कवनो नीकहा दलित के नाम सामने आई त ओह प जरुर सोचीहें.

एह सब का बावजूद मानल जा सकेला कि देश के अगिला राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्दे बनीहें आ पहिला बेर य़ह पद प यूपी से केहू चुनल जाई. साथही कोविन्द देश के दुसरका दलित राष्ट्रपति होखीहें.

Tags: , ,

%d bloggers like this: