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टटका खबर

Online Bhojpuri Newspaper

भोजपुरी के बढ़ाईं, टटका खबर पर विज्ञापन दीं.

अधिका जानकारी ला  editor@anjoria.com  के मेल करीं.

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जरुरत बा भोजपुरी प्रचारकन के


अगर रउरा अपना माई बोली से लगाव बा आ रउरा एकरा ला कुछ कइल चाहत बानी त टटका खबर पर राउर स्वागत बा. आजुए लॉगिन करीं आ अपना निजी जानकारी का आधार पर (कवनो अखबार, वेबसाइट भा सोशल मीडिया ग्रुप से मिलल जानकारी मान्य ना होखी.) खबर पोस्ट कइल शुरु क दीं. लॉगिन करत घरी आपन जानकारी सही सही भरब काहें कि ओही आधार पर भत्ता के भुगतान कइल जाई. ई काम कनवो हिसाब से नौकरी ना मानल जाई आ राउर हैसियत एगो स्वंयसेवी भोजपुरी प्रचारक के रही. कवनो प्रचारक के बिना पहिले से बतवले हटावे आ ओह जिला से नया प्रचारक चुने के अघिकार संपादक के बा.

हेडलाइन भा मथैला दस शब्द से अघिका के ना होखे. आ खबर कम से कम 500 शब्द में आ अधिक से अधिक 100 शब्द में लिखल होखे. रोमन में लिखेवालन के प्रतिबन्धित क दीहल जाई आ उ दुबारा कुछ पोस्ट ना कर पइहें. पोस्ट सम्पादक सकरीहें भा छाँट दीहें आ एकरा पर कवनो सवाल ना कइल जा सके.

चुनाए के आधार

कम से कम 5 गो खबर भेज लीहला आ संपादक से प्रकाशन लायक चुना गइला का बादे रउरा के प्रचारक मानल जाई. शुरुआत में एक जिला से एके गो प्रचारक के चुनल जाई. आ ओकरा बादे रउरा के भुगतान करे जोग मानल जाई. चुना गइला का बाद रउरा के फोन आ ईमेल से जानकारी दे दीहल जाई.

जिला जहँवा से प्रचारक चुनल जइहें –

सारण, बलिया, भोजपुर, सिवान, गाजीपुर, रोहतास, गोपालगंज, गोरखपुर, कैमूर, पश्चिम चंपारण, देवरिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, मऊ, जौनपुर, महराजगंज, वाराणसी, आजमगढ़, चंदौली, मिर्जापुर, कुशी नगर, संत रविदास नगर, पलामू, गढ़वा, आ सीधि.

चुना गइल प्रचारकन के भुगतान के आधार नीचे दीहल जा रहल बा.

महीना का आखिरी दिन ले प्रकाशित खबर

  • 20 गो भा ओकरा से कम पर कुछ ना.
  • 40 गो से अधिका प्रकाशित खबर पर पाँच सौ रुपिया.
  • 120 गो से अधिका प्रकाशित खबर पर एक हजार रुपिया.
  • 300 से अधिका प्रकाशित खबर पर दू हजार रुपिया.
  • 500 से अधिका प्रकाशित खबर पर तीन हजार रुपिया.
  • 1000 से अधिका प्रकाशित खबर पर पाँच हजार रुपिया.

सबसे अधिका प्रकाशित खबर वाला के दस प्रतिशत के बोनसो दीहल जाई. एकरा अलावे विज्ञापन आ अउरी बिजनेस जुटावे वाला के पचीस फीसदी कमीशनो दीहल जाई. विज्ञापन भा अउरी बिजनेस जुटावल जरुरी नइखे आ ओकरा ला कवनो लक्ष्य तय नइखे कइल गइल. ई सब रउरा मर्जी पर रही.

त चलीं शुरु हो जाईं अपना अगल बगल के खबर भेते में.

खबर का होला –

जवन बाति केहू लुकावल भा छिपावल चाहे ओकरे के खोज निकालल जाला खबर ला.
जवन बाति केहू प्रचारित भा जनावल चाहे ओकरा के विज्ञापन मानल जाला.

खबर में जरुरी तत्व –

What = का खबर बा
Where = कहवाँ भइल – जगहा के जानकारी
When = कब भइल – घटना के समय
How = कइसे भइल – घटना कवना तरह से भइल
Why = काहे भइल – घटना का पाछे के कारण का रहुवे
What is happening thereafter = का हो रहल बा – घटना का बाद ओह बारे में का प्रगति बा.

सावधानी राखल जरुरी बा कि
राउर भेजल खबर केहू के चरित्र हनन मत करे, अफवाह मत होखे, केहू का निजी जिनिगी का बारें में मत होखे, काहें कि हमनी का भोजपुरी के सेवा करे आइल बानी मुकदमा लड़े ना.

अब आईं भाषो पर चरचा कर लीहल जाव.

भोजपुरी वाचिक भाषा अधिका ह आ एहमें लिखल पढ़ल सीमित बा. हमनी के कोशिश रहे के चाहीं कि –
भोजपुरी के एगो मानक रूप भा शैली रहे हमनी के प्रकाशन के. एहसे – ने, भी – एह दू शब्दन के इस्तेमाल ना होखे,
संयुक्ताक्षर के इस्तेमाल कम से कम होखे.
जबरदस्ती कवनो शब्द के तूड़ताड़ के भोजपुरियावल मत जाय. शब्द के शब्दे रहे दीहल जाव सबद नइखे करे के. देश, भाषा जइसन शब्दन के देस भा भासा लीखल जरुरी नइखे. हँ स्टेशन का जगहा टीसन लिखाव त बढ़िया रही.
संपादक के पूरा अधिकार रही कि रउरा सामग्री में अपना हिसाब से सुधार क सकीहें, भा सीधे नकार सकीहें. एह पर कवनो बहस के गुंजाइश ना होखी. गँवे गँवे रउरो जान जाएब कि का आ कइसे लिखे के बा.

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