ढेर दिन बाद आजु फेर सुने के मिलल सिंह गर्जना


पिछला कुछ दिन से सियारन के हुँआ हुआँ आ कुकुरन के भौं भौं के अलसुनी करत भारत माई के शेर बेटा चुप रहुवे त देश विरोधियन के मन बढ़ गइल रहुवे. आजु संसद में उनुकर सिंह गर्जना सुन के सीना चौड़ा हो गइल. रउरो सुनीं –


आजादी का बाद देश में कांग्रेस के नाता चुने खातिर चुनाव भइल. कुल पन्दरह गो कमिटी (सदस्य) रहलें. ओहमें से 12 गो कमिटी (सदस्य) सरदार पटोल के चुनलें आ तीन गो कमिटी (सदस्य) केहू के नाम ना लिहलें. बाकिर तबहियों नेहरू के नेता बना दीहल गइल. ई कवन लोकतंत्र रहुवे. अगर जवाहरलाल के ना बना के अगर देश के पहिला प्रधानमंत्री सरदार पटेल के बनावल गइल रहीत त आजु कश्मीर के हिस्सा पाकिस्तान के कब्जा में ना गइल रहीत.

बाति साँच रहुवे एहसे एह सचाई के दबावे ला मुट्ठी भर सांसद पूरा दम लगा के चिचियात रहलें बाकिर ओह चिचियाहट का बावजूद सिंग गर्जना पूरा देश सुनलसि.