राज्य कर्मचारियन के इलाज सरकारिए अस्पताल में करावे के होखी : उच्च न्यायालय


इलाहाबाद, 09 मार्च (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय प्रदेश के खस्ताहाल चिकित्सा व्यवस्था के दुरूस्त करावे ला डाक्टरन आ स्टाफन के खाली पद के जल्दी से भरे के आदेश का साथही कहले बा कि सरकारी वेतन भोगी कर्मियन आ उनुका परिवारवालन के इलाज सरकारिए अस्पताल में करावे के होखी आ केहू के वी.आई.पी. ट्रीटमेंट ना दीहल जाव. आ जे लोग आपन भा अपना परिजन के इलाज निजी अस्पताल में करवावे ओकरा खरचा के भरपाई सरकारी खजाना से जनि कइल जाव.

न्यायालय इहो कहलसु कि अस्पतालन के आडिट कैग से करावल जाव आ सरकारी डाक्टरन के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगावे ला हर जिला में विजिलेंस टीम बनावल जाव. कहलसि कि सगरी सरकारी अस्पतालन के आडिट एक साल का भीतरे करा लीहल जाव.

ई आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल आ न्यायमूर्ति अजित कुमार के खण्डपीठ इलाहाबाद के स्नेहलता सिंह आ अउरिओ लोगन के जनहित याचिका पर दिआइल बा. न्यायालय साथही मुख्य सचिव के एह निर्देशन के पालन सुनिश्चित करावे आ कार्यवाई रिपोर्ट 25 सितम्बर 2018 के पेश करे के कहले बावे.