यूपीए के हिन्दू आतंकवाद के जुमला बेकार हो गइल


हैदराबाद, 16 अप्रैल. हैदराबाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) के विशेष अदालत बरास 2007 में भइल मक्का मस्जिद विस्फोट से जुड़ल मामिला में आजु फैसला सुनावत सगरी आरेपियन के बरी क दिहलसि काहें कि केहू का खिलाफ अइसन सबूत ना मिल सकल जवना का आधार पर ओह लोग के सजा दीहल जा सके.
अदालत एह मामिला में असीमानंद समेत सगरी आरोपियन के बरी क दिहलसि. 18 मई 2007 का दिने नमाज का दौरान ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में भइल विस्फोट में नौ लोग मारल गइल रहुवे आ 58 लोग घविहल भइल रहुवे.
कहल जाला कि पहिले एह मामिला में पाकिस्तानी आतंकवादियन के नाम आइल रहुवे बाकिर यूपीए सरकार ओहनी के पाकिस्तान चल जाए दिहलसि आ आपन हिन्दू आतंकवाद के जुमला सही बनावे खातिर एह में हिन्दू संगठनन के दोषी बनवावे के साजिश रच दिहलसि. सरकारी दबाव में आरोपियन पर तरह तरह के अत्याचार आ दबाव डालल गउवे बाकिर कहले जाला कि साँट परेशान कइल जा सकेला बाकिर आखिर में ओकरे जीत होला. आजु उहे बाति साबित हो गइल. दुख के बाति इहे बा कि असली दोषी आराम से पाकिस्तान में घूमत होखीहें स आ सराइल आ घवाहिल लोग के अब कहियो न्याय ना मिल पाई.
एह मामिला के जाँ पहिले स्थानीय पुलिस कइलसि बाकिर बड़हन योजना का तहत एकरा के सीबीआई के सउँप दीह गइल आ ओहू से काम बनत ना लउकल त एनआईए के एकर जिम्मा दे दीहल गइल. एह मामिला में स्वामी असीमानंद समेत कुल 10 लोगन के आरोपी बनावल गइल रहुवे. एक आरोपी संजय जोशी के मौत हो चुकल बा आ दू गो आरोपी अबहीं ले फरारे रहले. सुनवाई महज पांच गो आरोपियन पर भइल आ पाँचो के अदालत बरी कर दिहलसि.
तिन लोगन पर मुकदमा चलावल गइल ओहमें स्वामी असीमानंद, देवेंदर गुप्ता, लोकेश शर्मा (अजय तिवारी), लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल रातेश्वर, राजेंदर चौधरी, भारत मोहनलाल रातेश्वर, रामचंद्र कलसांगरा (फरार), संदीप डांगे (फरार), सुनील जोशी (मृत) शामिल रहलें.