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पटना 21 अप्रैल. केन्द्र में भाजपा सरकार बनला का बाद गोल भा सरकार में कवनो भाव ना मिलला से रिसियाइल यशवंत सिन्हा भाजपा से सगरी नाता रिश्ता तूड़ लिहलें आ अब शायद जेपी बने के सपना देखत बाड़ें. कहतारें कि अब से दलगत राजनीति ना करीहें आ आवे वाला दिनो में कवनो पद ना चहीहे. वइसे ई साफ नइखन कहलें कि अगर ना मँगला का बावजूद कवनो पद मिले तब का करीहें.
पटना के श्रीकृष्ण स्मारक भवन में अपना राष्ट्र मंच का ओर से देश के सगरी विरोधी गोलन के एकजुट करे का कोशिश में कहलन कि आजु देश के हालात चिन्ता करे जोग बन गइल बा. कहलन कि अगर एकरा खिलाफ खड़ा ना भइल गइल त आवे वाला पीढ़ी हमनी के माफ ना करी. शायद उनुकर इशारा सोनिया आ लालू जइसन ईमानदार परिवारन के आवे वाला पीढ़ी से रहल होखी काहें कि लालू के तेजस्वी लाल उनुका साथही मंच पर आसीन रहलन. आ साथे रहलन भाजपा के शत्रु जे अबले साफ नइखन कइले कि ऊ भाजपा छोड़िहें कि जवना थरिया में खालें ओहीमें हगल जारी रखीहें.
मोदी विरोध में सगरी नैतिकता ताक पर राख चुकल यशवन्त के कहना रहुवे कि विरोधियन का ना चहला का बावजूद मोदी के चाहत रहुवे कि संसद के चलववतें आ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करववतें. अबकी विरोधियन का बवाल का आगे सरकार कवनो कोशिश ना कइलसि कि सदन के ठीक से चलवावल जाय.
साथही न्यायपालिका के मर्यादा के चीरहरण करे वाला चौकड़ी के तरफदारी करत कहलन कि ओह लोग के लगावल आरोपन के दबा दीहल गइल. एह बारे में कुछ ना कहलन कि महाभियोग प्रस्ताव मोदी के पारित करवा देबे के चाहीं. उनुकर कहना रहल कि सुप्रीम कोर्ट के एक हिस्सा सड़ गइल बा आ ओकरा से बदबू आवत बा. शायद उनुकर मकसद चौकड़ी का खिलाफ कुछ कहे के ना रहल होखी काहे कि ओकरा से उपजल सड़ाँध त उनुका मनगर लागल होखी. हँ ई जरुर कहलन कि अब हर मामिला में मुकदमा क दीहल जात बा. शायद चाहत होखीहें कि कुछ ले दे के मामिला सलटा देबे के पुरान परंपरा जारी राखे के चाहीं.
एह मौका पर समग्र क्रान्ति के पुरोधा रहल जेपी का फोटो पर माला चढ़ावत जेपी बने के आपन मनसा जाहिर करत यशवन्त कहलन कि एह हालात का खिलाफ ऊ एगो बरियार आन्दोलन खड़ा करीहें आ देश के सगरी विरोधी गोल के एकजुट करीहें.