संघ केहू के पराया ना माने : मोहन भागवत

नागपुर, 07 जून (वार्ता). राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत कहलें कि संघ, राष्ट्र आ समाज के विकास खातिर काम करेला आ देश के सगरी लोग के आपन मानेला. ओकरा ले केहू पराया नइखे.
नागपुर में हर साल होखे वाला संघ के तिसरका प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह के संबोधित करत सर संघचालक भागवत कहलें कि संघ समाज के संगठित करे के काम में लागल बा. ऊ देश आ समाज के हित ला काम करेला आ ओकरा ला सभे आपन बा, केहू पराया नइखे. संघ मानेला का भारत के हर नागरिक ओकर आपन ह.
सर संघचालक के कहना रहे कि भारत में भाषायी विविधता, मत मतांतर, पंथ, प्रांत, राजनीतिक अउर वैचारिक विविधता रहल बा आ आगहूं रही. बाकिर एह सभ का बावजूद हमनी एक बानी. कहनी कि संगठन में हमेशा ताकत होला बाकिर एह ताकत के दुरुपयोग ना होखे चाहीं आ हमेशा धेयान राखे चाहीं कि हमनी के ताकत राष्ट्र के समृद्धि ला होखे के चाहीं. संघ के एगो मशहूर गीत के पंक्ति सुनावत संघ प्रमुख रेघरियवलें कि – तेरा वैभन अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें ना रहें !
प्रणव मुखर्जी के एह मौका पर आवे के स्वागत करत संघ प्रमुख कहलें कि संघ के काम देखे विविध विचारधारा के लोग नागपुर आ चुकल बा. ई संघ के परम्परा रहल बा कि हमनी समाज के प्रमुख लोग के आमंत्रत क के ओह लोग से अपना राह पर चले में काम आवे वाला पाथेय ग्रहण करत रहीलें.
सरसंघचालक कहलें कि 1925 में संघ का गठन का बाद से संघ कई तरह के प्रहार झेलले बा आ हर प्रहार का बावजूद संघ तरक्की करत गइल बा. संघ के काम सत्य के पथ पर चले के बा आ समाज अउर राष्ट्र के विकास ला काम करत रहे के बा. एह काम में संघ केहू के विरोध के परवाह ना करे.