अजातशत्रु के महानिर्वाण

अटल बिहारी वाजपेयी के स्वर्गवास

नयी दिल्ली 16 अगस्त. पाँच जुग ले भारत के राजनीति के सितारा, भारतीय राजनीति के शिखर पुरूष, अजातशत्रु आ प्रधानमंत्री रहल संघी नेता अटल बिहारी वाजपेयी आजु लमहर बीमारी का बाद आजु स्वर्ग खातिर प्रयाण कर गइनी.
93 बरीस के वाजपेयी जी पिछला दू महीना से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भरती रहला का बाद आजु गदबेरा पाँच बज के पाँच मिनट पर महानिर्वाण पर निकल गइनी. पिछला 36 घंटा से उहाँ के तबियत बहुते खराब हो गइल रहुवे आ जीवन रक्षक प्रणाली पर रखला आ तमाम कोशिशन का बावजूद उहाँ के स्वर्ग खातिर प्रयाण कर गइनी.

राजनेता लोग के श्रद्धांजलि – देश आपन महान सपूत गँवा दिहलसि
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आ उपप्रधानमंत्री रह चुकल लालकृष्ण आडवाणी समेत अनेके नेता प्रधानमंत्री रहल आ भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर आपन शोक जतावत कहलें कि उहाँ के स्वर्गवास से भारतीय राजनीति के एगो युग के अंत हो गइल आ देश एगो महान सपूत गँवा दिहलसि.

वाजपेयी जी राजनेता होखला का साथही एगो प्रखर कविओ रहनी आ देशभक्ति आ हिन्दू गौरव गान करत उहाँ के कईएक कविता सोशल मीडिया पर वायरल रहल बा आ आजु अउरि तेजी से पसर रहल बा. मौत पर लिखल वाजपेयी जी के एगो कविता पढ़ीं –

मौत की उमर क्या है?
दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला,
आज कल की नहीं,
मैं जी भर जिया,
मैं मन से मरूं,
लौटकर आऊँगा,
कूच से क्यों डरूं?

आजु पूरा देश अपना एह असल हिन्दुस्तानी नेता के आपन श्रद्धांजली दे रहल बा.

भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य आ भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहल के सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ के शुरु भइल रहल. पत्रकार, संपादक, साहित्यकार, कवि का रुप में वाजपेयी जी प्रखर हिन्दू गौरव गान करे वाला राजनेता रहीं बाकिर उहाँ के निजी बेवहार अइसन रहुवे कि देश के हर राजनीतिक गोल में लोग वाजपेयी जी के सम्मान करत रहुवे आ असल में उहाँ के एह देश के एकमात्र अजातशत्रु राजनेता मानल जाला.

कुछ लोग के मंजूर ना रहुवे कि वाजपेयी जइसन नेता संघ के नेता का रूप नें जानल जाव. कहत रहे लोग कि एगो बढ़िया आदमी गलत पार्टी में काहे बा? एह पर वाजपेयी जी के साफ जवाब रहत रहुवे कि अगर हम बढ़िया आदमी हईं त गलत गोल में कइसे हो सकीलें. आ अगर हमार गोल गलत बा त ओहमें रहे वाला बढ़िया आदमी कइसे हो सकेला.

वाजपेयी जी शुरू से आखिर ले संघ स्वयंसेवक का तौर पर देश आ हिन्दू हित ला समर्पित राजनेता रहुवीं बाकिर अपना वाकपटुता से अपना विरोधीयनो के रिझा लेत रहुवीं आ ऊ लोग मन से विरोध ना कर पावत रहुवे वाजपेयी जी के.

देश का साथही हमहूं आजु एह महान हिन्दुस्तानी सपूत के आपन श्रद्धांजलि दे रहल बानी. भगवान वाजपेयी जी के आत्मा के मोक्ष प्रदान करसु इहे मनावत बानी.