देश के 52 फीसदी लोग मोदी का खिलाफ : सर्वे रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 4 सितम्बर. काल्हु जारी एगो रिपोर्ट में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशान्त किशोर के बनावल संस्था इण्डियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी के करावल ओपिनियन पोल के परिणाम बतावल गइल बा.

सगरी देश में 55 दिन ले चलावल गइल एह अभियान में 57 लाख लोग आपन आपन राय बतावल जवना का आधार पर ई बात सामने आइल बा कि नरेन्द्र मोदी के अबहियों केहू टक्कर देबे वाला नइखे. राहुल बहुते पीछे छूट गइल बाड़न आ उनुका के चहेटत बाड़न केजरीवाल जे तनिए मनी पीछे छूटल बाड़न.

संस्था के कहना बा कि ऊ लोग का सामने नव सौ से अधिका विकल्प दिहले रहुवे जेहसे कि कवनो पक्षपात ना हो पावे. एह सूची में करीब हर ओह नेता के नाम शामिल रहुवे जवन पहिला सोच में केहू का दिमाग में आ सकेला. एह में ओहू लोग के नाम दीहल रहुवे जिनका बारे में सहज भाव से कहल जा सकेला कि – सब छँवड़ी झूमर पाड़े त लंगड़ी कहे हमहूं.

दौलत के देवी आ सोशल मीडिया पर जिहादी दीदी का नाम से जानल जाए वाली दूनू देवियनो के नाम एह में शामिल रहुवे बाकिर ऊ लोग बहुते पीछे छूट गइल बा. अपना सगरी लन्तरानी का बावजूद राहुल के नाम बहुते पप्पुवन का दिमाग में मौजूद बा.

विपक्ष के भासा में कहल जाव त देश के 52 फीसदी लोग मोदी का खिलाफ बा बाकिर अफसोस बा कि ई लोग अलग अलग नाम के माला जपत बा. अगर मोदी विरोधी एक हो जासु त बात बदल सकेला.

बाकिर ओह लोग के तकलीफ देबे वाली बात इहो बा कि मोदी के नियरा फटके जोग कवनो नाम नइखे जे पाँच दस फीसदी के दूरी पर होखे. कहाँ राजा भोज आ कहाँ गंगू तेली वाला कहानी का तरह मोदी 48 फीसदी लोगन के पसन्द बाड़न त राहुल महज 11 फीसदी, केजरीवाल 9 फीसदी, आ बाकी फँउकबाज नाम एकरो से नीचे बा.

एही सर्वे में देश के चार गो चुनिन्दा मुख्यमंत्रियन में केजरीवाल, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, आ नीतीश कुमार के नाम शामिल बा.