हार का डर से अमेठी से भगले बबुआ

कांग्रेस के मलिकार पचासा पार करत जवान बाकिर बोली से बबुआ राहुल गाँधी के अब अमेठी सुरक्षित नइखे लागत. बुझा गइल बा, भा उनुका के उनुके लगुआ-भगुआ बुझवा दिहले बाड़ें सँ कि अबकी अमेठी का भरोसे रहल ठीक नइखे. ओहिजा भाजपा उमीदवार स्मृति ईरानी बहुते भारी पड़ गइल बाड़ी राहुल पर. पिछलो बेर राहुल के जीत के अंतर बहुते घट गइल रहुवे आ अइसन ना होखे कि अबकी संसद के चौखट देखल उनुका नसीब में ना होखे. से कांग्रेस के सिपाहसालार राहल के केरल के वायनाड से लड़े के तइयार कर लिहलें.

वयनाड के सभले बड़ खासियत राहुल भा कांग्रेस ला ई बा कि ओहिजा मुसलमान भोट ढेरे बा. अलग बाति बा कि काग्रेस के एह फैसला से बँवारा गोल बहुते परेशान हो गइल बा. बँवारा गोल राहुल के पहिलहीं से धिरावत बा कि केरल से उनुकर चुनाव लड़ल गठबन्हन के राजनीति ला बहुते नुकसानदेह होखे जा रहल बा. बँवारा गोलबन्दी के निकहा मालूम बा कि राहुल के केरल से चुनाव लड़ला के असर पूरा प्रदेश पर पड़ी आ पूरा देश से सिमटात जात बँवारा गोल अब अपना आखिरिओ किला से बाहर फेंका सकेला.

वइसे भाजपा के एह बाति से बड़हन फायदा होखे जा रहल बा कि राहुल के अमेठी सीट पर हार लउके लागल बा आ ऊ अब चारखाना लूंगी पहिर के प्रचार करत लउक सकेलें. राहुल के जनेऊधारी ब्राह्मण के नौटंकिओ कइल बेकार होखे जा रहल बा आ पूरा कांग्रेसी गोल एकर नुकसान उठावे जा रहल बा. कांग्रेस खातिर अउरो पीड़ादेह बाति इहो बा कि बहिना के प्रचारो उनुकर बेड़ा पार करावे नइखे जा रहल. वइसे चरचा एहू बाति के बा कि भाजपा वयनाडो से आपन कवनो बड़का नेता के चुनाव मैदान में उतार सकेले.