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जतवो गइल भतवो ना मिलल


महाराष्ट्र में सरकार बनावे का फेर में अपना औकात से बाहर जाके फउँके का फेर में शिवसेना आपन जवन हाल कर लिहलसि तवना पर भोजपुरी में कई एक गो कहाउत बा. खबर त सभे जानत बा बाकिर खबर का बहाने एह कहाउतन के चरचा कइल हमरा बेसी सही लागत बा.

जतवो गइल भतवो ना मिलल वाली कहाउत के मतलब भइल कि आपन समूह छोड़ि के दोसरा समूह में शामिल होखे का कोशिश में आपन समूह त छोड़ि गइल शिवसेना बाकिर दोसरका समूह में ओकर समिलात ना हो सकल आ एह खुशी में होखे वाला भोज ना मिल पावल.

दोसर कहाउत हवे कि – चउबे गइलन छब्बे बने, दूबे बनि के अइलन. एह कहाउत के मतलब भइल कि अपना योग्यता से अधिका के पुरस्कार भा सम्मान लावे का कोशिश में आदमी उहो गवाँ बइठेला जवना के ऊ स्वाभाविक हकदार रहुवे. अगर शिवसेना के लालच सीमा का भितरे रहल रहित त आजु ओकरा लगे उप मुख्यमंत्री पद का साथही सरकार में कई गो रसगर मंत्रालयो भेंटाइल रहित. अब बाबा जी के ठुल्लू लेके संतोष करे के पड़ी.

लाजे भवे बोलसु ना, सवादे भसुर छोड़सु ना. एह कहाउत के मतलब होला कि अपना लाजवश छोट भाई के मेहरारु कुछ बोल ना पावे बाकिर बदचलन भसुर – पति के बड़ भाई – ओकरा के छेड़त रहेला. भाजपा अपना संस्कारवश शिवसेना के असलियत जगजाहिर कइल ना चाहच रहुवे बाकिर हवस का वशे हो गइल शिवसेना खुदे आपन चरित्र उजागर करा दिहलस.

अब देखे जोग रही कि काठ के हाँड़ी दुबारा चढ़त बा कि ना. अब अगर शिवसेना लवटहूं के चाहो त भाजपा के ओकरा के फरदवले राखे के चाहीं. काहें कि चोर चोरी से जाई त जाई बाकिर तुम्बाफेरी ना छोड़ि पाई.

चलत चलत अब खबरवो के चरचा करिए देत बानी. महाराष्ट्र में सरकार बनावे का फेर में जब कवनो गोल भा गिरोह सफल ना हो सकत तब राज्यपाल ओहिजा राष्ट्रपति शासन लगावे के सलाह दे दिहलन. केन्द्रीय मंत्रीमंडल उनुकर सलाह मान के राज्य में राष्ट्रपति शासन लगावे के निहोरा राष्ट्रपति के भोज दिहलसि.

ओने शिवसेना सुप्रीम कोर्ट में गोहार लगवले बिया कि ओकरा कुछ समय अउरी चाहत रहुवे जवन राज्यपाल ना दिहलन. ओकरा ई याद नइखे पड़त कि संजय राउत के दावा रहुवे कि शिवसेना का लगे 170 विधायकन के समर्थन मौजूद बा आ राज्यपाल जबे कहिहन तबे उनुका के ई सूची सँउप दीहल जाई.

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