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आईं, हरामखोर भारत बनावल जाय


देश में एह घरी पिछला छह बरीस से मोदी के सरकार चलत बा. मुनव्वर राणा के बतावल सौ करोड़ जानवरन का चलते ओही मुनव्वर के कहला मुताबिक 35 करोड़ आदमियन के ई संकट झेले के पड़त बा.

पिछला सैकड़न बरीस के गुलामी का बादो देश के ई सौ करोड़ जानवर माने के तइयार नइखन कि देर सबेर एह जानवरन के आदमियन के गुलाम बनहीं के पड़ी. एह काम में देश के सगरी पिरोधी गिरोह आपन पूरा ताकत से लागल बाड़ें. कवनो ना कवनो तरीका से अइसन हालात बना देवे के बा मोदी के सपना पूरा मत हो जाव. अमेरिका के दवाई भेजलसि त ऊ हिन्दुस्तान के वेंटिलेटर देबे के बात करत बा. कहत बा वैक्सिन बन जाई त उहो हिन्दुस्तान के दीहल जाई. इहे सब सोच के हमनी का पूरा विरोध कइले रहीं जा जब हिन्दुस्तान से दवाई भेजे के फैसला कइले रहलसि ई मोदी सरकार.

देश में कोरोना पसारे के सगरी कोशिश एह नामुराद का चलते बढ़िया से ना हो सकल. हमनी का भीड़ जुटवनी सँ, फेर ओह भीड़ में कोरोना पसरवला का बाद देश के अलग अलग इलाकन में भेजनी जा. ऊ लोग भरपूर कोशिश कइलसि कि देश कोरोना के लपेटा में अइसन आ जाव कि मोदी त मोदी, मोदी के बापो हालात ना सम्हार सके. बाकिर हो ना सकल.

हमनी का कई बेर मजदूरन के भीड़ एकट्ठा करवनी जा आ ओहनी के अपना अपना सरकार वाला राज्यन में अतना बसहारा करा दिहनी जा कि भूख आ बेरोजगारी के मार झोलत ई लोग अपना जान के जोखिम में डालत निकल पड़े. अपना सरकारन से एह लोग के खयाल राखे के कबो ना कहनी जा बाकिर जहाँ जहाँ मोदी के गोल वाला सरकार बा ओहिजा से माँग कइनी जा कि एह मजदूरन के खयाल राखल जाव.

एह सौ करोड़ जानवरन के अलग अलग प्रजातियन में बाँटत हमेशा अपने में लड़ावत रहनी जा बाकिर पता ना कइसे एह जानवरन में अब एका आवे लागल बा.

मोदी सरकार देश के आत्म निर्भर बनावे का दिसाईं काम करे के कोशिश करत बिया त हमनी का एकरा खिलाफ बानी जा. हमनी के पूरा कोशिश बा कि देश के मजदूर आ किसानन के कर्मठ ना बने दीहल जाव आ एहनी के हरामखोरी के आदत डलवा दीहल जाव. अबहीं त कहत बानी जा कि एह लोग के करजा ना दे के सीधे खैरात बाँटल जाव. बाकिर अगर मोदी सरकार ना मनलसि त जबे कबो हमनी के मौका मिली हमनी का कर्जमाफी क के देश के माली हालत बिगाड़े के कोशिश हमेशा का तरह करबे करब.

रउओ सोची कि अगर देशे बनावे के मकसद रहीत त अजना राजनेला अरबों खरबों के मालिक कइसे बन पवतें.

आईं रउरो सभे एह काम में लागीं आ हिन्दुस्तान के हरामखोरन के देश बनावे में सहजोग करीं. तय मानीं रउऱा सभे के सहजोग से हमहनो के हराम के कमाई में बड़हन ईजाफा होखी पैंतीस करोड़ आदमियन के खरचा बरचा चलावे ला ई सौ करोड़ जानवर बड़ले बाड़ें.

एह पैंतीस करोड़ ला हमनी का कम काम नइखीं कइले जा. कुछ गिना दीहल जरुरी लागत बा –

  • मजहब का आधार पर बँटवारा होखला का बावजूद इण्डिया के हिन्दुस्तान ना बने दिहनी सँ.
  • हिन्दू धरम का पसार आ पढ़ाई पर कानूनन रोक लगा के रखनी जाँ आ ओहिजे गैर हिन्दुवन के भरपूर छूट दिहनी सँ.
  • मन्दिरन पर सरकारी कब्जा क के ओहिजा मिलल दान के इस्तेमाल हिन्दू हित में ना करा के दोसरा दोसरा कामन में लगवनी जा. अबहियो कोशिश जारी बा कि एह मन्दिरन के संपति लूट के बाकी लोगन में बाँट दीहल जाव. -हमनी का अइसन जाल बनवले बानी जा कि छह बरीस से सरकार चलवला का बादो मोदी के कवनो मंत्री एह जाल के काट करे के नइखन सोचल, उलुटे उहो सभकर साथ लेबे ला बेचैन बाड़ें आ हिन्दू मंदिरन के सरकारी लूट से बचावे का बदले उहो एह लूट में शामिल बाड़ें.
  • देश में सेकूलरिज्म का वायरस अइसन पसार दिहले बानी जा कि एकर मरीज हिन्दुवन के छोड़ दोसर कवनो रिलीजन वालन में ना देखल जा सके.

उमेद करत बानी सँ कि रउरा सभे एह काम के देखत हमहन के सरकार देश में जरुरे बनवाएब. कोरोना एगो मौका दिहले बा. अगर अबकी चूक गइनी जा त फेर एह गोल के सरकार से हटावल मुश्किल हो जाई.

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