टूटल टँगड़ी ट जुट गइल काहें कि ऊ टूटले ना रहुवे बाकिर अब हारल चुनाव कइसे जीतीं काहें कि ऊ त हम हार गइल बानी – अइसने उहापोह में फँसल बाड़ी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

भाजपा के शुवेदु अधिकारी से नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बहुते कम वोट का अन्तर से चुनाव हार गइला का बादो मुख्यमंत्री बन गइली ममता. अब डेढ़ महीना बाद ममता बनर्जी अदालत के कुण्डी खड़कावे चहुँप गइली बाकिर ओहिजो एगो अपशगुन उनुकर राह काटत आ गइल. भइल ई कि जवना पीठ का सोझा उनुकर निहोरा सुनवाई खातीर डालल गइल बा ऊ न्यायमूर्ति कौशिक चंदा कबो भाजपा के सक्रिय सदस्य रह चुकल बाड़ें. दोसरे जब उनुका के स्थायी न्यायाधीश बनावे के फैसला लीहल जात रहुवे तब ममता ओकर विरोध कइले रहुवी. ममता के लागत बा कि ओह जज का पीठ में उनुका न्याय ना मिल पाई. एहसे ममता शुक का दिने कोलकाता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पाती भेज के निहोरा कइले बाड़ी कि उनुकर मामिला कवनो दोसरा जज का पीठ में भेजल जाव.

वकीलन के एगो झुण्ड ममता के चुनाव याचिका न्यायमूर्ति कौशिक चंदा का पीठ में भेजला का खिलाफ कोर्ट का सोझा प्रदर्शनो कइलें. वकीलन के कहना बा कि न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के अपनहीं एह मामिला के सुनवाई से अलग हो जाए के चाहत रहुवे.

एह बीच न्यायमूर्ति कौशिक ममता के याचिका पर सुनवाई 24 जून ले टार दिहलन.जान जाईं कि ममता के हरावे वाला शुभेंदु अधिकारी राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष बाड़ें.

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