ममता के जान में जान आ गइल


आखिरकार निर्वाचन आयोग ममता सरकार के निहोरा मानत पश्चिम बंगाल के तीन गो विधानसभा सीटन पर उपचुनाव करावे के एलान करिए दिहलसि. अब विधायकी के चुनाव हरला का बावजूद सगरी नैतिकता आ मर्यादा ताखा पर राखत मुख्यमंत्री का कुरसी पर विराजमान ममता बनर्जी बरकरार रह सकीहें. काहें कि उऩुका परम्परागत सीट भवानीपुर से उनुका हारे के कवनो अनेसा नइखे.

अलग बाति बा कि ममता खातिर राह बनावत भवानीपुर सीट खाली करे वाला आ बाद में मंत्री बनावल गइल शोभनदेव चटोपाध्याय के मंत्री पद खतरा में पड़ गइल बा काहें कि उनुका जोग सीट पर चुनाव नइखे करावल जात. अमिता मित्रा के मंत्रीपद पर खतरा मौजूद बा काहें कि उनुको के विधायकी जीतवावल जरूरी बा.
भवानीपुर का साथही मुर्शिदाबाद जिला के शमशेरगंज अउऱ जंगीपुर सीट पर उपचुनाव करवावल जाई जहाँ के चुनाव एक एक गो उमीदवार के मरला का चलते टारे के पड़ल रहुवे. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष आयोग के भूमिका पर सवाल उठावत कहले बाड़न कि आयोग दबाव में आ के ई फैसला लिहले बावे. ना त ओकरा सगरी खाली सीटन पर उपचुनाव करावे के एलान कइल चाहत रहुवे.

देश में 31 गो विधानसभा सीट आ तीन गो संसदीय सीत देशभर में उपचुनाव के बाट जोहत बा बाकिर आयोग के ओह सीटन खातिर कवने ममता नइखे.

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