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वायदा बाजार में थपड़िया के भाग जाए के रणनीति

अबहीं ले हम अवरोध रेखा, आधार रेखा, चाल रेखा वगैरह के जिकिर कई बेर क चुकल बानी. आ संकेतक का बारे में संकेतो दे चुकल बानी. आज सोचऽतानी कि रणनीति का बारे में कुछ बतियावल जाय. रणनीति माने कि युद्ध में कवन नीति रउरा के जीता सकेला ओकरा बारे में. काल्हु का लेख में हम बता चुकल बानी कि वायदा बाजार में ट्रेडिंग करे वालन के तीन दो दुश्मन होलें – समय, लोभ, आ डर. लोभ आ डर पर त रउरा कोशिश कर के जीत पा सकीलें बाकिर समय से लड़ल आसान ना होखे, आ खास करि के तब जब ऊ हर कदम पर रउरा विरोध में होखे.

वायदा बाजार में हर पल ऑप्शन के दाम गिरत जाला आ बेचेवाला एकरे फायदा उठावेलें. जतना देर होखी ओतना सुरक्षित होखत जाई उनुकर सौदा. जबकि खरीदे वाला अगर थथमल त ओकर नुकसान होखल तय बा.

काल्हु के लेख में निफ्टी का चाल-चलन का बारे में चरचा कइले रहीं. बाजार कहाँ खुली आ कहाँ बंद होखी एकरा में कवनो नियत संबंध ना होखे. आ एह हालत में कवन रणनीति कारगर हो सकेला ओहसे पहिले एगो क्षेपक सुन लीं. चुंबक पत्थर का बारे में जानते होखब. अगर एगो बड़हन चुंबक का लगे छोटहन चुंबक राख दिआव त बताईं कि कवन चुंबक कवना चुंबक का ओर जा के सट जाई. बहुते साफ कि छोटका पत्थर बड़का पत्थर के हिला ना पाई जबकि बड़का चुंबक अपना ताकत से छोटका चुंबक के अपना ओर खींच ली.

वायदा बाजारो में इहे होला. बड़का पूंजी वाला खिलाड़ी छोटका पूंजी वाला खिलाड़ी के सगरी पूंजी खीच के अपना ओर कर लेलें. हमरा रउरा जइसन रिटेल ट्रेडर के इहे कमजोरी होला. जइसे थोक व्यापारी अगर किलो पर पचासो पइसा कमाई त ओकर आमदनी मुहल्ला के किराना दुकानदार से अधिका होखी जे हर किलो पर एक से डेढ़ रुपिया के कमाई करत होखे. काहे कि किराना वाला दिन भर में पचीस ना पचास किलो बेच पाई जबकि गल्ला वाला कई क्विंटल बेच ली एक दिन में.

एही तरह जे बड़का ट्रेडर बा से सौ पचास लॉट के सौदा करी आ निफ्टी एको अँक बढ़ल त ओकर आमदनी ढाई हजार आ पाँच हजार हो जाईय जबकि एक भा दु लॉट के सौदा करे वाला के दलालिए आ अउऱी खरचा एकरा से अधिका हो जाई. एह चलते रिटेल खरीददार दस बीस अंक के बढ़त लिहले बिना बेचबे ना करीहें आ एह इंतजार में उ ऑप्शन के बेंवत अउरी कम होखत जाई.

त का कइल जा सकेला ? अगर बिना कवनो संकेत के सोदा करब त कई एक बेर एके मिनट में दस बीस अँक के घट-बढ़ हो जाई आ नफा के कहो पूंजी गँवाए के पड़ जाई. हर घाटा में पूंजी त कुछ ना कुछ गँवावही के होला.

पिछला लेखन में हम इहो चरचा कर चुकल बानी कि रणनीति जतने आसान होखी ओकर पालन ओतने सहज हो जाई. कीप इट सिंपल स्टुपिड ! त हमरा विचार में एगो बहुते आम संकेतक के इस्तेमाल कइल जा सकेला आ संकेतक होखी चलत औसत moving average के. अपना चार्ट पर 13 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज Simple Moving Average संकेतक लगा लीं आ सेटिंग में जा के ओकरा स्मूथिंग लाइनो Smoothing line के चुन लीं. अब जब औसत के रेखा स्मूथिंग लाइन का उपर निकले त कॉल खरीदे के आ नीचे जाव त पुट खरीदे के सोचल जा सकेला. एहमें बस अतने सावधानी राखे के बा कि इ रेखा कवनो आधार भा अवरोध रेखा, भलहीं ऊ बहुते छोट समय के, पाँच छह कैंडल के काहे ना होखे.

आ जइसहीं खरीद लिआव तसहीं ओकरा के दस रुपिया भा ओकरो से कम बढ़त ले के बेचे खातिर लगा दीहल जाव. कमीशन आ खर्चा कटइला का बादो तीन चार सौ रुपिया के आमदनी हो सकेला. आ दसो हजार से कम लगवला का बाद एक दिन में तीनो सौ के आमदनी कम ना होखे.

संगही संगे फेरु धिरावत-चेतावत बानी कि हमरा कहला में फँसला के जरुरत नइखे. हम एगो राह देखावे के काम कइले बानी आ ओकरा पर चले से पहिले रउरा आपन जानकारी पुख्ता कर लीं. अपना आमदनी में से रउऱा हमरा के कुछ देब ना त नुकसानो पूरा के पूरा रउऱे रहे वाला बा. कुछ दिन एकरा बारे में अउरी जानकारी बिटोर लीं आ तब फेसला करीं. बस बिकवाली पन्द्रह से बीस मिनट का भीतर पूरा हो जाव. अगर आधा घँटा ले फायदा नइखे लउकत त ओह सौदा से निकलिए गइल ठीक रही. एही से आजु के मथैला दिहले बानीं कि थपड़िया के भाग जाईं. रुकनी त रउरा कुटे जाए के संभावना बन जाई.

पता ना रउऱा सभे के ई चरचा कइसन लागत बा, कई बेर कहला का बादो केहू कुछ कहे के तइयार नइखे. अगर खाए वाला के कवनो स्वाद ना आई त बनावे परोसा वाला के मन टूट जाला.

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