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बड़की मछरियन के पूरा हक होला छोटकिन के खा जाए के

बड़की मछरियन के पूरा हक होला छोटकिन के खा जाए के. आ शेयर बाजार में ई कहाउत अउरी साँच साबित होला. बाजार में बड़का पूंजी वाला कम पूंजी वालन के पूंजी बहुते जल्दी अपना में मिला लेलें. बाकिर कई बेर छोटकी मछरियन के झुण्ड टूट पड़ेला आ बड़की मछरियन के जान पर बन आवेला. जइसे कि कई बेर वीडियो देखले होखब कि कुकुरन के झुण्ड शेरो के भागे पर मजबूर कर देला. हालांकि शेयर बाजार में अइसनका मौका बहुते कम आवेला.

आजु का बाजार का बारे में काल्हु लिखले रहीं –

अब काल्हु बियफे ह आ साप्ताहिक सलटान के दिन. बियफे के बाजार त अउर मायावी होले. जइसे आजु पहिले बिकवाल लोग के निपटा दिहलसि बाजार वइसहीं काल्हु अगर लिवालन के निपटावे पर बढ़ चलल त का भरोसा.

बुध का दिने जइसे एक तरफा बढ़त ले के बिकवालन के डाँड़ तूड़े के काम भइल. आजु एक तरफा बिकवाली लिवालन के बाजा बजे दिहलें. अब जे बाजार खुलला का शुरुए में पुट खरीद लिहले होखी ओकर त पौ बारह रहल बाकिर जे बुध का दिने एह आसरा में कॉल खरीद के रखले होखी ओकर त सौदा बेकार हो गइल आजु.

इहे सब सोच के कहल जाला कि वायदा बाजार के सौदा रोज के रोज निपटा लीहल करीं. घाटा होखे भा मुनाफा, रात में नींद बढ़िया से आ पाई आ अगिला दिने के बाजार युद्ध ला रउरा तइयार रह सकीला.

अब साप्ताहिक निपटान भा सलटान त आजु सलटा दीहल गइल. अब अगिला सीरीज के सौदा शुरु करे के समय आ गइल. एहिजा जवन कुछ हम लिखिला ऊ रिटेल आ छोटका ट्रेडरन के दिमाग में ले के लिखिला. एहिसे हम कबो ऑप्शन बेचे के बात ना करीं. आ बड़का खिलाड़ी त महीने ना दू दू महीना आगे के सौदा बेच के जाल बिछवले रहेलें.

हँ त काल्हु का बारे में अतने कह सकीला कि काल्हु बाजार छोट दायरा में घूमत रही. काहे कि फेर दू दिन के छुट्टी सामने बा. आ वायदा बाजार में तीन रात सौदा खड़ा राखे के सोचलो बेवकूफी होला. कबो कबो गलती से लॉटरी लाग जाव त दोसर बात ना त जवना दाम पर खरीद के जाएब सोमार ले ओहमें पचास साठ रुपिया के कमी आ गइल रही.

एगो अउर बाति. रउऱा सभे के कवनो टीका टिप्पणी नइखे मिलत से बहुते मुश्किल लागत बा एकरा के चलावत रहल. अगर खवईया के स्वाद मिलल कि ना एकर पता रसोईया भा परोसे वाला के ना मालूम होखी त ऊ बेमन से काम करे लागी. खैर. रउरा सभे के मर्जी.

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